How nasa benefit the world

Nasa inventions

२१बी सदी में हम इतने भाग रहे हे की हमें किस चीज़ की फुर्सत नहीं हे. और टेक्नोलॉजी इसमें हमारी कितनी मदद करती हे। हमें ऐसी चीज़ो की इतनी आदत पद गयी हे के इसके बिना हमारी दुनिया अधूरी हे। चलिए इसमें Nasa inventions से आम लोगो को फायदे क्या क्या होते हे ये जानने की कोसिस करते हे ।

1. Nasa inventions in GPS technology :

जीपीएस ट्रैकिंग टेक्नोलोजी के फायदे

आज के समय में हम सब जीपीएस का इस्तेमाल करते हे। जितने भी लोग ट्रेवल करते हे हर एक को जीपीएस की ज़रूरत पड़ती हे। नासा कितना है . उनके जीवन को प्रभावित किया है। अगर किसी तरह जीपीएस सिंग्नल नहीं मिले तो दिक्कते कड़ी हो जाती हे। ऐसी टेक्नोलॉजी की मूल टेक्नोलॉजी की खोज नासा ने की थी। उस सेटेलाइट के बाद जैसे स्पेस रेस चालू हो गयी। और ये मूल टेक्नोलॉजी का उपयोग सेटेलाइट को ट्रेक करने क लिए किया जाता था।

१९५७ में sputnik १ लौंच हुई जिसके बाद तुरंत USA गवर्मेंट ने स्पेस एक्सप्लोर प्रोराम क लिए फंडिंग करि। जिससे USA ने पहला स्पेशक्राफ्ट बनाया। और एक ही साल में नेशनल एरोनॉटिक्स स्पेश एडमिनिस्ट्रेशन (National Aeronautics and Space Administration) नासा की स्थापना हुई। नासा ने ऐसी टेक्नोलॉजी का उपयोग किया जिसमे वह sputnik की स्पेस में जगह को ट्रेक कर पाए।

GPS technology in car


उसे रेडियो ट्रेकिंग कहते हे। जैसे पृथ्वी से सेटेलाइट को ट्रेक करते हे , वसे ही उल्टा प्रोसेस किया जाता हे जीपीएस क लिए। कार में और स्मार्टफोन में जीपीएस रिसीवर होता हे जो तीन से चार सेटेलाइट से सिंग्नल रिसीव करता हे।

Satelite view of GPS


और यही लगभग हर एक कार के साथ हो रहा होता हे । उसी समय सोचो क्या होगा अगर सीग्नल मिलना बंध हो जाये तो लोग कंफ्यूज हो जायँगे। अपना सर खुजाने लग जाये और इधर उधर भटकते रहे।

बहोत समय तक जीपीएस का उपयोग मिलिट्री के द्वारा होता रहा। आम जनता को इसका पता नही था। और अगर पता भी होता तो भी वो इसका उपयोग आसानी से नहीं करपाते जैसे आज रास्ता ढूढ़ने के लिए या रेस्टोरेंट या किसी जगह को ढूढ़े के लिए करते हे। और फिर एक दुखद घटना की वजह से लोगो को जीपीएस का उपयोग करे की ज़रूरत पड़ी। कोरियन फ्लाइट ००७ को टारगेट किया गया क्यूंकि वो रसियन खेत्र में घुस गया था। इसी वजग से प्रेजिडेंट रेगन ने कहा के जीपीएस सिस्टम को लोगो भलाई के लिए , लोगो के द्वारा उपयोग किया जाना चाहिए। आज के समय में जीपीएस की help से plain land करवा सकते हे और food delivery ड्रोन की मदद से करवा सकते हे , बाकि सब इसके फायदे तो आपको पता ही होंगे।

2. Nasa inventions in modern Food industry :

आधुनिक फ़ूड इंडस्ट्रीस के फायदे

Nasa inventions GPS technology की help से pizza तो होम डिलीवर हो जायेगा पर क्या कभी ये सोचा हे के वो पिज़्ज़ा खाने के लायक हे या नहीं। हम ग्रोसरी मार्किट में जाते हे और जो भी चाहिए वो लेके आते हे और मान लेते हे की वो खाने के लिए SAFE हे। पर पहले ऐसा नहीं था। १९६० ने NASA ने एक सिस्टम तैयार की जिससे SPACE में भेजे जाने वाले फ़ूड को अच्छी तरह से चेक किया जाये। जिसको “the hazard analysis critical control point system ” कहते हे।

जिसका मुख्य उद्देश्य SPACE में भेजे जाने वाल फ़ूड को चेक करना था। सभी वैग्नानिको के लिए स्पेस में एस्ट्रोनोट्स का बीमार हो जाना चिंता का विषय था। जिसके चलते एस्ट्रोनॉट्स को ऐसा खाना दिया जय जो ना सिर्फ nutritious हो वो PURE भी हो और जिसको ZERO GRAVITY में भी खाया जसा सके।

क्युकी साइटिस्ट जानते नहीं थे के वो SPACE में क्या खा सकते हे क्या नहीं। उन्हें काफी रीसर्च करना पड़ा।क्युकी हम जो रोज खाना कहते हे वो एस्ट्रोनॉट्स स्पेस में नहीं खा सकते। क्युकी आप सब जानते ही होंगे के स्पेस में ग्रेविटी ना होने के कारन वो स्पेस सेंटर में उड़ने लगेगा और बहोत सारे प्रॉब्लम खड़ी कर सकता हे।

astronauts eating in space

उसके अलावा ऐसा खाना नहीं लेजा सकते जिसमें कोई वाइरस या पैथोजन हो जो एस्ट्रोनॉट्स को बीमार करदे। क्युकी वहा बीमार होने पर कोई डॉक्टर या ऐसे साधन नहीं होते जिससे उनको ट्रीट कर सके।

नासा के लये ये बड़ा सवाल था की कैसे ऐसा खाना भेजा जाये जिससे कोई एस्ट्रोनॉट्स बीमार ना हो। इसका एक ही इलाज था और वो ये था की फार्म से SPACECRAFT तक हरेक खाने की जाँच की जय और कंट्रोल किया जाय। तभी वो खाना स्पेस में ले जान लायक बनता। उन खाने का हर तरह का test किया जाता और फिर उसे स्पेस में भेजा जाता।

NASA Food safety

नासा के इस सिस्टम को फ़ूड इंडस्ट्री ने अपना चाहा। लेकिं किसी को इसके बारे में पता नहीं था और न किसी के पास इसके लिए ट्रेनिंग थी। पर बढ़ते हुऐ disease (रोग )की वजसे लोगो का भरोसा फ़ूड और ड्रग इंडस्ट्री से उठ गया। और फ़ूड और ड्रग इंडस्ट्री को नासा के फ़ूड सेफ्टी स्टैंडर्ड्स को फॉलो करना सुझा। और इसी तरह दोस्तों धीरधीरे HACCP (the hazard analysis critical control point system ) का उपयोग फ़ूड इन्दुस्ट्रीमे होने लगा। सोचिये अगर हम जो खाना सुपरमार्केट में से लाते हे उसमे HACCP को हटा दिया जाय तो कोई ऐसे खाने को खायेगा ही नहीं।

3. Nasa inventions in Credit card transaction :

क्रेडिट कार्ड ट्रांसेक्शन के फायदे :

NASA’s Invention मे आपने MOON LANDING के बारेमे तो सुना ही होगा। पर आप सोच रहे होंगे के MOON LANDING का मेरे क्रेडिट कार्ड के साथ क्या लेना देना ? जब अमेरिका ने पेहला spacecraft बनाया तब उसमे सिर्फ एक एस्ट्रोनॉट् जा सकता था , लेकिन उन्हें एक से ज़्यादा एस्ट्रोनॉट्स को स्पेस में ले जाने के लिए बड़ा spacecraft बनाने की ज़रूरत पड़ी। पर उनका भी कम्प्यूटर पावर उतना नही था जितना मून पर जाने के लिए ज़रूरी था। इस लिए फिर “APOLLO PROGRAM” की शुरुआत हुई। जब स्पेसक्राफ्ट नए नए थे तब कंप्यूटर की साइज रूम के बराबर होती थी। spaceship अलग बिल्डिंग में और कम्प्यूटर अलग बिल्डिंग में रखा जाता था। और उन दोनों को हज़ारो वायर से जोड़ा जाता था।

apollo mission

लेकिन समय जाते ही हमें कंप्यूटर की साइज़ को छोटा करना पड़ा। जिससे पहला ऑटोमेटेड चेक आउट सिस्टम बना। इसमें APOLLO VEHICLE में कम्प्यूटर लगाए जो अपने आप भी ऑपरेट करते थे। SPACECRAFT ना सिर्फ इनफार्मेशन को रिसीव करते थे बल्कि उसे प्रोसेस करके ग्राउंड डेटाबेस पर सेंड भी करते थे। नासा ने जो कम्प्यूटर्स बनाये जिसकी टेक्नोलॉजी से हम आज मोबाइल डेस्कटॉप जैसे चीज़े उपयोग कर पाते हे।

TRW INVENTIONS

लेकिन आप सोच रहे होंगे Nasa inventions मेरे क्रेडिट कार्ड के पेसो को कैसे असर करता हे। ” TRW ” एक कंपनी थी जिसने नासा को अपोलो मिशन में SPACECRAFT और Apollo lunar module बनाने में मदद की थी।

“TRW” कंपनी को क्रेडिट चेकिंग सिस्टम को बनाने में इन्ट्रस्ट था। इससे लोग क्रेडिट कार्ड दूर जगह पर क्रेडिट कार्ड का उपयोग करके पेमेन्ट कर सके। इसके लिए अकाउंट के डाटा को दूर जगह भेजने की ज़रूरत थी। और इसीलिए “TRW” और NASA ने मिलकर एक सिस्टम तैयार की। इसमें उन्होंने अपोलो की ऑटोमेटेड प्रोसेसिंग सिस्टम का उपयोग किया।

जिससे हम क्रेडिट कार्ड का उपयोग कर सके जब भी हम चाहे। ऐसा मन जाता हे के उस समय सेंट्रल कम्प्यूटर कुछ १ करोड़ क्रेडिट रिकॉर्ड रख पता था। क्रेडिट कार्ड के उपयोग से फ्रॉड कम होने लगे। क्यूंकि जो क्रेडिट कार्ड हम उपयोग करते हे वे एक अकाउंट के साथ जुड़ा हुआ होता हे , जब हम नंबर डालते हे या स्कैन करते हे तब सिस्टम आपके अकॉउंट की अमाउंट को चेक करती हे और अकाउंट में पुरे पैसे हे तो पेमेंट को पूरा करती हे। और ये सब चेकिंग दो या तीन सेकंड में होनी चाहिए।

हे न बढ़िया बात। सोचो क्या होगा अगर सिस्टम बंध हो जाये ? लोगो को पहले की तरह पैसो को अपने पास रखना पड़े छुट्टे पैसो को संभल कर रखना पड़े। बैंक के धक्के खाने पड़े बार बार पैसो के लिए।

4. Nasa inventions in health facility :

स्वास्थ्य सुविधा के फायदे :

Nasa inventions के कई सारे स्वास्थ्य के फायदे भी हे। आज के समय में लोग में हार्ट की बीमारी लोगो में बढाती ही जा रही हे। १९८० में हार्ट की बीमारी में से जीवित लोगो का रेट ५८ परसेंट था। १९८३ में तीन डॉक्टर ने इस रेट को बढ़ाया। लेकिन ये कैसे हुआ ये जानते हे।

१९६८ में जब नासा ने मून पे एस्ट्रोनॉट्स को भेजा और मून का पूरा चक्कर लगाया तब उन्होंने ये नहीं सोचा था के वहा दूर से पृथ्वी नज़र आएगी। और इसके बाद साइंटिस्ट पृथ्वी के ऊपर ज़्यादा रिसर्च करने लग गए।

seeing earth from moon

१९७० में नासा ने “nimbus satellite” को बनाया जीसमें मात्र पृथ्वी के वातावरण के बारे में रीसर्च की जाये। फिर साइंटिस्ट ने पृथ्वी के “ozone layer” में बदलाव होता देखा। जो सूरज में से जो रेडिएशन निकलता हे उसे अपने अंदर सोख लेता हे। जो हमारे शरीर के लिए हानिकारक होता हे। आप तो जानते ही होंगे के प्रदुषण की वजह स ओज़ोन लेयर में कमी आ जाती हे जो पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय हे। अगर ऐसा हो जाये तो कई तरह के स्किन कैंसर हो सकते हे। इसलिए नासा ने ओज़ोन लेयर के बारे में पता लगना चालू रखा।

ozone layer on earth

इसके लिए वो “ultraviolet excimer laser” का उपयोग करते थे। जिसका उपयोग पृथ्वी पर से कैलिफ़ोर्निया में माउंटेन फैसिलिटी में से होता हे। यहाँ से उन लेज़र का उपयोग करके ओज़ोन लेयर को नापा जा सकता हे। और इसी लेज़र का उपयोग हार्ट की बीमारी को ठीक करने के लिए भी किया जा सकता हे। हार्ट की बीमारी में हमारी हार्ट की खून की नसो में कचरा जम जाता हे जिसके वजह से खून नसों में रुक जाता हे और हार्ट में दर्द होने लगता हे।

लेज़र टेक्नोलॉजी की वजह से ऐसे प्लाक को लेज़र की मदद से खतम किया जा सकता हे और उससे हार्ट की धमनिओ को कोई नुकशान नहीं होता।

कईबार धमनिओ में से बलून को डालकर ट्रीटमेंट की जाती हे। और धमनिओ में स्टंट दाला जाता हे। जिससे धमनिओ में खून को जाने की जगह हो जाये और पैशन्ट को बचाया जा सके। निचे की क्लिप में जैसे देख सकते हे। जो मेटल की जाली की तरह दिख रहा हे वह स्टेंट हे। इसे ऐसे ही छोड़ दिए जाये तो ये खुन ब्रेन को भी नुकशान पंहुचा सकता हे।

और लेज़र टेक्नोलॉजी का उपयोग न सिर्फ हार्ट सर्जरी के लिए बल्कि ऑर्थोपेडिक्स में डेंटल ट्रीटमेंट के लिए किया जाता हे। इसके आलावा आप तो जानते ही होंगे लेज़र टेक्नोलॉजी का उपयोग आँखों की ऑपरेशन के लिए भी किया जाता हे।

ये तो हुई लेज़र टेक्नोलॉजी की बात इसके आलावा आप जो स्मार्टफोन का उपयोग करते हे और जो हाथ में डिजिटल घडी या बैंड पहनते हे उसमे बायोमीट्रिक सेंसर की वजह से हार्ट रेट , आप कि नींद की पैटर्न, आपके चलने के स्टेप्स वगेरा चीज़े दिखाती हे। जो आपको हेल्थी रखने में मदद करते हे।

इन सब चीज़ो में उपयोग की जानेवाली टेक्नोलॉजी का आविष्कार स्पेस प्रोग्राम में ही हुआ था। स्पेस में “astronauts” की शरीर की गतिविधि को चेक करने के लिए सेंसर्स का उपयोग किया जाता था। इसका अविष्कार नासा में डॉक्टर और इंजीनियर ने मिलकर किया। उस समय शरीर पर इलेक्ट्रोड्स लगाए जाते थे। जो उतने आरामदायक नहीं थे एस्ट्रोनॉट्स के लिए।

आजके समय में एस्ट्रोनॉट्स इतने सारे सेंसर लगाके स्पेस में नहीं जाते हे। हेरात की बात तो ये हे के NASA ने एक छोटी सी कैप्सूल जैसा डिवाइस बनाया जो एस्ट्रोनॉट्स निगल जाते हे और वो शरीर के अंदर जा कर शरीर का तापमान नाप सकता हे। इन सब चीज़ो की वजह से शरीर में होने वाली तकलीफ को होने से पहले ही दूर किया जा सकता हे। पहले हम लोगो को कोई भी बीमारी होती थी तो हम डॉक्टर के पास जाते थे और चेक करवा लेते थे लेकिन वो सब चीज़े हम अब रोज चेक कर सकते हे जिससे समयके पहले ही हम बीमारी के बारे में जान सकते हे और सख्त कदम उठा सकते हे।

biometric device

तो देखा आपने , नासा के स्पेस रिसर्च के कितने सारे फायदे हे। नासा सिर्फ स्पेस रिसर्च के लिए ही नहीं पर ऍम लोगो के लिए वरदान जैसा हे। तो देखा आपने , नासा के स्पेस रिसर्च के कितने सारे फायदे हे। नासा सिर्फ स्पेस रिसर्च के लिए ही नहीं पर ऍम लोगो के लिए वरदान जैसा हे। नासा की रिसर्च के और भी कई फायदे हे पर उसके बारे में हम फिर कभी जानेंगे। धन्यवाद ।

Leave a Reply

Your email address will not be published.