deep learning in Hindi cover

Deep learning in Hindi

Deep learning in Hindi आर्टिकल में हम Deep learning की ३ इम्पोर्टेन्ट सवालों के जवाब के बारे में जानेंगे जो हे what, why, और where। यानि की what is deep learning in Hindi ? (Deep learning kya he ?)why deep learning is needed? ( Deep learning की क्यों जरुरत पड़ी ?)और where deep learning is used? (Deep learning का उपयोग कहा कहा होता हे ?)

तो सबसे पहले हम जानंगे के What is Deep learning in Hindi ? लेकिन इसको समझने के लिए हमें सबसे पहले जानना पड़ेगा के Artificial intelligence क्या हे और Machine learning क्या हे ? क्यूंकि Machine learning और Deep learning जो हे वो Artificial intelligence का ही subset हे यानि की उसका ही भाग हे। वो आप आगे पढ़ेंगे तो आपको आसानी से पता चल जायेगा। तो चलिए आगे बढे।

1.What is Deep learning in Hindi :

Deep learning in Hindi में हम सबसे पहले artificial intelligence के बारे में जानेंगे। आप सबने कई सारी हॉलीवुड मूवीज में artificial intelligence का उपयोग करते हुए actor को देखा होगा। चाहे वो Ironman हो या terminator या matrix . हकीकत में artificial intelligence इतना एडवांस तो नहीं हे पर कई सारी चीजों में इंसान से बेहतर काम करके देता हे।

Artificial intelligence क्या हे?

Artificial intelligence in deep learning in Hindi
Artificial intelligence in deep learning in Hindi

Artificial intelligence एक ऐसी तकनीक या सॉफ्टवेयर है जो मशीन में मानव बुद्धि का अनुकरण करती है और मानवीय क्रियाओं और व्यवहार की नक़ल करती हे। जैसे इंसान किसी भी समस्या को हल करने के लिए सोचता हे , सीखता हे , फैसला लेता हे और काम करता हे वैसे ही ये एक कम्प्यूटर दिमाग की तरह हे जो इंसान के कई काम को आसान कर देता हे। Artificial intelligence का सबसे आसान उदहारण हे Google assistance या Alexa या Siri . कैसे हमारे पूछने पर हर सवाल के जवाब इंसान की तरह ही दे देता हे। अब जानते हे के Machine learning क्या हे ?

Machine learning क्या हे ?

तो Machine learning कुछ और नहीं बल्कि Artificial intelligence की एक टेक्नोलॉजी हे या आप Artificial intelligence का Subset (उसका ही भाग ) कह सकते हैं और जिससे कंप्यूटर अपने आप स्पष्ट रूप से सीख सकता हे। तो आपको उसके लिए अपनी मशीन को बहुत ज्यादा कोडिंग करने की जरुरत नहीं है।

Machine learning
Machine learning

जैसे एक छोटा बच्चा देखते देखते सीखता हे वैसे ही Machine learning उसमे इनपुट किये गए डेटा से सीखता हे। अब वो डेटा कई तरह के हो सकते हे। जैसे किसी Machine learning को फूलो की जातिओ को पहचान के उसे वर्गीकृत करने का काम दिया जाये तो उसमे फूलो के पंखड़ी की लंबाई , उसकी चौड़ाई, उसके पत्ते की चौड़ाई और लम्बाई वगैरह के बारे में डाटा कंप्यूटर में डाला जाता हे। और उस डेटा के आधार पर Machine learning धीरे धीरे अपने आप ही सिख लेता हे की कोनसे फुल किस जाती में वर्गीकृत होते हे । और ये ऐसे ही काम करता हे जैसे एक इंसान गलतिओ से सीखता हे वैसे ही Machine learning में भी कई दिक्कते आती हे। लेकिन फिर अंत में उसका परिणाम बहोत ही सचोट होता हे।

पहले Machine learning में डाटा के द्वारा Machine को Train किया जाता हे और बादमे नए डाटा के द्वारा उसे test किया जाता हे यानि की पता लगाया जाता हे के Machine सही से काम् कर रहा हे के नहीं ? अब आते हे Deep Learning in Hindi के ऊपर।

Deep Learning क्या हे ?

Deep Learning in Hindi एक नयी टेक्नोलॉजी हे जो एक तरह की Machine learning ही हे जिसे इंसान के दिमाग से प्रेरित होकर बनाया गया हे। उसका काम भी Machine learning जैसा ही हे। Deep Learning की इस इंसानी दिमाग जैसी संरचना को Artificial neural network कहते हे।

Deep Learning in hindi
Deep Learning

Artificial neural network का आईडिया इंसान के दिमाग के Neurons पे आधारित हे। Neurons और कुछ नहीं पर दिमाग के सेल हे यानि की कोशिकाए। जो दिमाग में एक जगह से दूसरी जगह पे माहिती पहोचती हे।

न्यूरॉन्स में कई डेंड्राइट होते हैं जिनका उपयोग न्यूरॉन को इनपुट प्रदान करने के लिए किया जाता है।
चूंकि न्यूरॉन्स में कई सारे डेंड्राइट हैं, इसलिए समान संख्या में इनपुट प्रदान किए जाते हे। एक बार जब आउटपुट तैयार हो जाता है तो यह अगले न्यूरॉन की ओर चला जाता है ।

Artificial neural network भी न्यूरॉन्स के जैसा ही है। हमारे मानव मस्तिष्क में कई इनपुट हैं जो विभिन्न डेंड्राइट्स से स्थानांतरित होते हैं।
neural network में, ये इनपुट processing element को पहुचाये जाते हे जैसा की इंसानी दिमाग में होता हे और वह पे इनपुट और weights के summation के बाद Function of S ( f (s) ) मिलता हे।

एक बार यह हो जाने के बाद activation function का concept आता है । अगर आउटपुट नक्की की हुई सिमा से ऊपर हे तो ही वो आगे बढ़ेगा, वरना नहीं। जब ये आगे बढ़ता हे तब ये देखा जाता हे की मिला हुआ आउटपुट वही हे जो हमें चाहिए या दोनों में कितना फर्क हे। मिले हुए आउटपुट और मांगे हुए आउटपुट में जो अंतर होता हे उसके हिसाब से weigts की value में बदलाव ला कर वही प्रोसेस को दोहराया जाता हे जब तक जरुरी आउटपूत मिल नहीं जाता । इसे backpropagation method कहते हे।

neural network in deep learning in hindi
neural network

अब जानते हे Deep network किसे कहते हे। Deep network कुछ और नहीं neural networks हैं जिसमे कई hidden layers होते हे। Neural network में कई hidden nodes हैं जो आपस में जुड़े हुए हैं। उसके बाद, एक और hidden nodes होता है जो आहे output layers से जुड़ा हुआ होता हे। जहापे Final output चेक होता हे और पता ;लगाया जाता हे के मिला हुआ output इच्छित output हे के नहीं।

2. Why Deep learning is needed ?

Deep learning की क्यों जरुरत पड़ी ?

Deep Learning in Hindi में हमने उसके संरचना के बारे में जाना। आगे हम जानेगे के Machine learning के होते हुए Deep learning की जरुरत क्यों पड़ी ? वैसे तो Machine learning की शुरुआत 1959 में हुई थी। लेकिन सहिमे देखा जाये तो Machine learning का प्रैक्टिकल उपयोग 1990 से शुरू हुआ था।

क्यूंकि 1990 में Machine learning के आधार पर कंप्यूटर प्रोग्रम्म्स बनने लगे और उसका व्यापारीकरण भी हुआ। और आम इंसान भी कंप्यूटर के माध्यम से Machine learning का उपयोग करने लगा। लेकिन Machine learning की भी कुछ सीमाएँ थी जिसकी वजह से Deep learning का इन्वेंशन 2000 में हुआ।

Deep Learning vs machine learning
Deep Learning vs machine learning

Machine learning की कुछ सीमाएँ और उनका Deep learning के रूप में समाधान :

Machine learning (Limitation) Deep learning (Solution)
1. पहली लिमिटेशन हे High dimensionality Data
आज हमारे पास High dimensionality Data है या मान लें कि डेटा जो उत्पन्न होता है वो काफी बड़ा होता हे और काफी जटिल होआ हे जिसका कैलकुलेशन Machine Learning नहीं कर पाता।
1. Deep learning अच्छी तरह से High dimensionality Data में काम करता हे।
2. दूसरी लिमिटेशन हे Crucial Ai Problems
जैसे के इमेज को देख के ये ना पहचानना के उसमे लड़का हे या लड़की हे , और ना चेहरे के हाव भाव बता पाना वगेरे ।
2. Deep लर्निंग Crucial Ai Problems का समाधान करता हे।
3. तीसरी लिमिटेशन हे Feature extraction
इसमें टेबल पे पड़ी चीज़ो को न पहचान पाना , और लिखावट को पढ़ न पाना वगेरे।
3. Feature extraction की लिमिटेशन का भी समाधान करता हे। और लिखावट को पढ़ सकता हे । google translate उसका उदहारण हे।

आपको ये भी जान लेना चाहिए के Deep learning का समय Machine Learning के बराबर में बहुत ज़्यादा होता हे। अब आपको पता चल गया होगा की Machine learning की लिमिटेशंस को दूर करने के लिए Deep Learning का अविष्कार किया गया।

3. where deep learning is used?:

Deep learning का उपयोग कहा कहा होता हे ?

Deep learning in Hindi की वजह से आज के समय में कंप्यूटर एप्लीकेशन जे द्वार खुल गए हे। कई सारि एप्लीकेशन डीप लर्निंग की वजह से ही चलती हे। लेकिन जो डीप लर्निंग की मुख्या उपयोग हे ये निचे बताये गए हे।

  • Customer suppport service : Customer service से जुड़ते समय क्या आपने कभी सोचा है एक interne bot कैसे बातचीत को संभालता है यह इसलिए क्योंकि ग्राहक और कंप्यूटर bot के बिच की बातचीत इतनी सरल होती हे कि ग्राहक को पता भी नहीं चलता के वो इंसान के साथ बात कर रहे हैं या कंप्यूटर Bot के साथ।
  • Medical care : मेडिकल क्षेत्र में भी Neural network का उपयोग कैंसर सेल का पता लगाने के लिए बॉडी के MRI रिपोर्ट्स निकालने में होता हे।
  • Self driving cars : आज के समय में tesla जैसी कंपनी की self driving cars और self driving truck डीप लर्निंग की वजह से ही सफलतापूर्वक काम कर रही हे। हमारे लिए ये एक science friction फिल्म से कम नहीं हे।
  • Automatic machine translation : आज के समय में Deep learning की मदद से कोई भी भाषा ला किसी और भाषा में अनुवाद करना आसान हो गया हे। और Google translate से उत्तम उदहारण भला क्या हो सकता हे।

और ये तो सिर्फ कुछ ही उपयोग मेने यहाँ बताए हे इसके आलावा कई सरे इसक उपयोग जो आप अपनी रोजाना ज़िंदगी में करते होंगे और आपको इसका अंदाज़ा भी नहीं होगा। लेकिन जितने डीप लर्निंग के फायदे हे वैसे उसकी लिमिटेशन भी हे चलिए जानते हे।

4. Limitation of Deep Learning in Hindi :

Deep Learning की सीमाए :

  • Data : हमने जाना के Deep learning में बहुत ही बड़ी मात्रा में डाटा की ज़रूरत होती हे। जो की बड़ा ही थका देने वाला काम हे। कई बार हमें डाटा का अंदाजा भी लगाना पड़ता हे।
  • Computational power : Deep learning में Neural network को Train और test करने के लिए मोटे तोर पर Graphical power की जरुरत पड़ती हे। और उसके CPU की बराबरी में GPU काफी महंगे होते हे। जो लोग PC gaming करते हे उन्हें तो ये पता ही होगा।
  • Training time : Deep learning में मशीन को अपनेआप से सिखने में जो समय लगता हे उसे Training time कहते हे। Deep learning का Training time काफी ज़यादा होता हे कई बार तो कई महीने लग जाते हे। जो उसमे इस्तेमाल किए गए डेटा की मात्रा पे निर्भर करता हे।

तो बस हों गया। आशा करता हु के अपने Deep learning in hindi article में काफी कुछ जान लिया होगा। मिलते हे अगले आर्टिकल में नयी इंफोर्मशन के साथ। धन्यवाद ।

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