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फनी कैसे बना जाता हे

हम यहाँ पे बात करने वाले हे ऐसे चीज़ो के बारे में जो एक फनी इंसान और एक boring इंसान को अलग करती हे। हम बात करेंगे की फनी बनने के पीछे विज्ञानं कैसे काम करता हे। और बोरिंग इंसान भी कैसे फनी बन सकता हे। तो चलिए देखते हे ,

ऐसा कहा जाता हे की “हसी सबसे अच्छी दवा हे।”

जो की सही बात हे क्योंकि हसने से दुःख काम होता हे , दिमाग और दिल में ज़्यादा ऑक्सीजन जाता हे और हमारे फेफड़ो को ताकतवर बनता हे।

अच्छा सेंस ऑफ़ ह्यूमर रोमेंटिक पार्टनर में सबसे अच्छी बात मानी जाती हे। और लड़किया ध्यादा तर ऐसे लड़को की खोज में रहती हे और उसे इम्प्रेस होती हे।
तो क्या हम फनी बन सकते हे ? में आपको ऐसे तरीके बताऊंगा जो मनोविग्नानिक तरीके से साबित हो चुके हे इसके बारे में हम जानेंगे।

1.खुदके ऊपर हसना सीखे :

लोग ऐसे लोगो के साथ रहना पसंद करते हे जो थोड़े नासमझ हो और थोड़े स्टुपिड हो। क्यूंकि उनकी हरकतों के वजह से ही ख़ुशी का माहौल बना रहता हे. अपने भी नोटिस किया होगा के आपके दोस्तों में से भी ऐसा कोई होगा जिसकी स्यूपिड हरकतों से आप उसे याद करते रहते होंगे। हर चीज़ो में सीरियस होना ज़रूरी नहीं हे। कई बार इसी तरह खुद की गलतिओ को बताओ की सामने वाला भी उसपर हस पड़े। अगर आप खुद का मज़ाक उड़ने लगे तो कोई न आपका मज़ाक उड़ाएगा बल्कि आपको चाहे लगेंगे। ज़्यादा करने की ज़रूरत नहीं हे पर इतना आप ओपन रहने लगेंगे उतना ही लोग आपकी इज्जत करेंगे और आपके साथ रहना पसंद करेंगे।

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फनी बनने का मतलब ही यही के आप चीज़ो की सीरियसली न ले और अपने विचारो को ,आपके अंदर के पागलपन हे, आपको जिसमे दिलचस्पी हे उसको सबके सामने रखे। अगर ऐसा करके आपको पांच में ३ चीज़ो में भी लोगो को हसी आती हे तो बाकि दो चीज़ो को कोई याद भी नहीं करेगा।

2. फनी लोगो को मिले और उनसे सीखे :

आपके ग्रुप में कई ऐसे दोस्त होंगे जो अपनेआप से फनी ही होंगे। किन चीज़ो की वजह से वो फन्नी हे ? क्यां उनकी आवाज़ ऐसी हे जिसपे हसी अत्ति हे या उनके बात करनेका तरीका , की बॉडी लैंग्वेज या फिर कोई ऐसी चीज़ जो उनमे दुसरो से अलग हे। अगर अपने वो पता लगा लिया तो आपको भी पता चल जायेगा के आप भी फन्नी बन सकते हे।

उनके साथ घूमे और उनकी बातो को सुने और आपभी अपनी तरफ से एक दो जोक उनको सुनाइए आपभी धीरे धीरे उनके जोक को कोई दोस्त को सुनाइए इस तरह आप भी उनकी तरह सोचने लगेंगे और और आपको भी ऐसे फन्नी विचार आने लगेंगे।

इसी तरह आप कॉमेडियनस के ऊपर भी रिसर्च कर सकते हे। अपने देखा होगा की हर एक इंसान को एक ही तरह के कॉमेडियन पसंद नहीं होते हे। हर एक कॉमेडियन का स्टाइल अलग होता हे।

उन्हें यह स्टाइल को पाने में कई साल की प्रेक्टिस की होती हे। अब आप बोलेंगे के मुझे थोड़ी कॉमेडियन बनना हे ? लेकिन आप थोड़े से सुरु करेंगे तो आपभी ऐसे बन जायेंगे की जहा भी आप बोलेंगे लोग आपकी बात सुनेंगे भी और उसपे हसेंगे भी। और उसके लिए आप निचे दी गयी चीज़े कर सकते हे।

  • अगर आपको कोई चीज़ फन्नी लगती हे तो उसे ज़रूर अपने दोस्तों को बताये। अपने दोस्तों को बताने से घभराये नहीं ये सोच के के उन्हें ये फनी लगेगी की नहीं। अगर फन्नी न भी लगे तो उनके चेहरे के भाव से आपको पता चलेगा के आपको कहा बदलाव लाने की ज़रूरत हे। आपके जोक में या जोक बोलने के समय में या फिर आपके बोलने की स्टाइल में।
  • अगर कोई चीज़से आपको हसी आती हे तो ऐसे दोस्त को बताये जीसको वो चीज़ फन्नी लगेगी।
  • टीवी के एपिसोड हो या मूवीज हो या मिम्स हो अपने फ्रेंड्स के साथ ज़रूर शेयर करे उससे आप एक फनी फ्रेंड बन जायँगे।

3.रोज़मर्रा की घटनाओं में हास्य को ढूंढे :

चाहे आप ऑफिस जाते हो या कही भी काम करते हेो आप देखेंगे के हर समय पे आप हास्य को ढूंढ सकते हो। आपने देखा होगा की कॉमेडियन जो होते हे वो वही बोलते हे जो उन्होंने कही पे देखा और उसी के ऊपर उनके जो भी विचार हे उनको प्रेखको के सामने रख दिया। उनके साथ बचपन में या पुरानी गर्लफ्रेन्ड के साथ क्या हुआ कैसे हुआ वो फनी जोक बनाकर कहते हे। जिससे लोगो को हसी आति हे। ऐसी ५ चीज़ो को ध्यान में रखकर फन्नी तरीके से बताने की कोशिश करे जैसे आपको ऐसी चीज़े रोज अपने आप दिखने लग जाएगी।

रोज की लाइफ में जो नया म्यूजिक होया न्यूज़ ,नयी फैशन हो या किसी सेलिब्रिटी की चर्चा उसमे फन्नी चीज़े ढूढ़ने की कोशी करे। पर याद रखे किसी बेसहारा, डाइवोर्स , बीमार या किसी के पर्सनल मेटर्स के ऊपर कभी मज़ाक न उड़ाए।

4.अपने व्यक्तित्व को बेहतर बनाये:

आप शायद नहीं जानते होंगे पर आप आपकी पर्सनालिटी में बदलाव लाएंगे तो आपका आधा काम तो ऐसे ही हो जायेगा। आपने देखा होगा की जिसकी फनी पर्सनालिटी होती हे लोग उनकी बात ज़्यादा सुनते हे। और एक स्टडी से साबित हुआ हे के जिन लोगो की पर्सनालिटी बढ़िया होती हे और जो उचे पद पर होते हे उनके फालतू जोक पर भी लोग हस्ते हे।

जैसे की ऑफिस में काम करते बॉस के हर एक जोक पे काम करने वाला हर व्यक्ति हस्ता हे या फिर वो कॉमेडियन हो जो जोक सुना रहा हे । कॉमेडियन के स्टेज पर आते ही लोग खुश हो जाते हे। और उनके फालतू जोक पर भी लोग हसने लगते हे। क्यूंकि उनकी पर्सनालिटी ही ऐसी हे के हम मान लेते हे की वो जो भी कहेंगे उसमे कुछ तो बात हे। चाहे वो कितनी भी बेतुकी बाते क्यों न करे। लोग जानते हे की वो एक कॉमेडियन हे और लोग आशा रखते हे के वो तो हमंको हसायेगा ही। जब भी आप किसी के साथ बात करे तो एक दम रिलैक्स रहकर बात करे उन एहसास दिलाये के जो भी आप बात कर रहे वो बहुत ही दिलचस्प हे चाहे वो न भी हो। जिसमे आपके बात करनेका तरीका और बॉडी लैंग्वेज बहुत बड़ा रोल अदा करती हे। बात कितनी फनी हे ये ज़रूरी नहीं हे पर आप उसे कैसे बताते हो वो बहोत ज़रूरी हे। जबी आप ऐसा करेंगे तो सामने वाले को लगेगा के आप बहुत सही बोल रहे हे। और अगर आप ऐसा कर पाए तो लोग आपकी बात सुनने के लिए आतुर रहेंगे। आपको सिर्फ उनको यकीं दिलाना हे के आप कितने फनी हो।अगर आपकी पर्सनालिटी ही फनी हे तो सब आपके जोक पे हसेंगे ही हसेंगे।

और फनी बनने के लिए भी आपको ऐसा बनना पड़ेगा जो ख़राब हालत में भी हसना सिख सके। इसका मतलब ये नहीं हे के आप बार बार जोक ही करते रहो। कभी कभी सीरियस होना भी ज़रूरी हे। अगर बार बार जोक करते रहोगे तो सामने वाले को लगेगा के आप उनको हँसाने के बहुत आतुर हो रहे हो और इसका सामने वाले क ऊपर गलत प्रभाव पड़ सकता हे ।

5.पहले लोगो को जाने:

लोगो को जानने का मतलब ये हे के ये जानना के वो किस तरह के इंसान हे। उनको किन चीज़ो में दिलचस्पी हे? , किन चीज़ो से उनको हसी आती हे?, क्या वो सीरियस तो नहीं हेना? जैसा की मेने ऊपर बताया के हर इंसान को एक ही तरह के जोक या कॉमेडियन नहीं पसंद होते हे तो उनको पहले जानना बहुत ज़रूरी हे।अगर कोई इंसान बुरी तरह परेशांन हे तो उस समय मज़ाक न करे।

  • कुछ लोगो अपने धर्म या जाती या POLITICS के ऊपर कोई जोक करे वो बिलकुल पसंद नहीं करते हे। तो ऐसे लोग के सामने उसके बारे में कभी भी मज़ाक न करे।अगर आप इन सब चीज़ो के बारे में एक जैसी सोच रखते हो तो कोई प्रॉब्लम नहीं हे।
  • अगर आप ग्रुप में हो तो ऐसी चीज़ो के बारे में जोक करे जिसके बारे में सबको पता हो। अंदर अंदर के जोक, या कोई स्टोरी जिसके बारे में खुदके करीबी दोस्त ही जानते हो उस तरह की बातो से बाकि लोगो को परायापन महसूस होता हे तो इसका ध्यान रख्खे।
  • ये भी याद रखे की जेसे हमारी जनरेशन बदलती हे वैसे हमारा ह्यूमर भी बदलता हे। पुराने बूढ़े लोगो को अडल्ट जोक्स नहीं पसंद आते हे लेकिन आज की जनरेशन के लोग उसे पसंद करते हे।
  • मज़ाक को लोगो को खुश करने के लिए इस्तेमाल करे , जिससे लोग आपको पसंद करे न की उनका ही मज़ाक उड़ाकर आप मज़े ले।

6. फनी बनने की प्रैक्टिस करे :

अभ्यास मनुष्य को परिपूर्ण बनाता है

सबको हँसाने की कला एक रात में कभी नहीं आती हे। ऐसा कहा जाता हे की सफल कॉमेडियन को बनने में कुछ १० साल जैसा लग जाता हे। लेकिंग आप तो सिर्फ फनि बनना चाहते हो तो आपको इतना समय नहीं लगने वाला। पर आपको गोल बनालो के एक दिन में आप ऐसा कुछ करो या बोलो जो लोगो हँसा सके।

ये चीज़ो को ज़रूर ध्यान में रखे :

  • मोके पे चुका मारना सीखो। जब भी आप कुछ फनी नोटिस करते हे उसे तुरत सबको इशारा करके बताये। इसमें बिलकुल भी हिचकिचाए नहीं। शायद वो मौका कोई और ले जाये।
  • जब भी कोई बात कर रहा हो या कोई बोल रहा हो उसके ऊपर तुरंत फनी कमेंट करेंगे तो लोग हस पड़ेंगे उसके लिए टाइमिंग का सही बहुत ज़रूरी हे।
  • जब भी कोई फनी किस्सा या कहानी सुना रह हो तो उसे हमेशा छोटा रखो वार्ना लोग हसी का इंतेज़ार करते हुए बोर हो जायेंगे।
  • जिसभी से बात कर रहे हो उनकी जो सब से बढ़िया खूबी हे उनके ऊपर मज़ाक करो इससे उनको बुरा भी नै लगेगा। जैसे कोई फ्रेंड पढ़ने में बहुत अच्छा हे और उसे आप अनपढ़ कहोगे तो उसे बुरा भी नहीं लगेगा और उसे हसी भी जाये। लेकिंग अगर मोटे इंसान को मोटा बोल दिया तो प्रॉब्लम हो सकती हे।
  • इसी तरह आप किसी की ज़्यादा तारीफ करके भी उसे हँसा सकते हो। पर एक हद तक।
  • ये ज़रूर याद रखे के कोई परफेक्ट नहीं होता। हमेशा ट्राय करते रहे और अगर लोग आपके जोक पे न हसे तो शर्मिंदा बिलकुल ना हो।
  • ये ध्यान में रखे के जिससे आप मज़ाक कर रहे वो जानते हो के आप कब मज़ाक कर रहे हो और कब आप सीरियस हो।

अगर आप इन सब चीजो को ध्यान में रख के प्रयत्न करेंगे तो जरूर से फनी इंसान बन जायेंगे।

7. कॉमेडियन पर कि गयी शोध:

कॉमेडी एक ऐसा विषय हे इसके बारे में वैज्ञानिक भी जानना चाहते हे। और इसलिए वैज्ञानिको की टीम ने प्रयोग किया। जिसमे व्यवसायी कॉमेडियन ग्रुप और शौक़ीन कॉमेडियन ग्रुप (जो बिना अनुभव के कॉमेडी करते रहते हे , amateur) और सामान्य समूह को एक कार्टून इमेज दिखा ते हुए MRI मशीन में रख कर उनका ब्रेन (दिमाग़ ) को स्कैन किया गया। और कार्टून इमेज को शीर्षक देने को कहा गया। जब वो कार्टून इमेज को देख कर सोच रहे थे तब उनके ब्रेन स्कैन को बारीकी से स्टडी किया गया। स्टडी से ये पता चला की जो कॉमेडियन जिनको कॉमेडी का अनुभव हे उनके ब्रेन के टेम्पोरल कोर्टेक्स (temporal cortex)में ज़्यादा गतिविधिया देखने को मिली बाकि दो ग्रुप से । टेम्पोरल कोर्टेक्स दिमाग का वो हिस्सा हे जहा पे दिमाग में से सारी इनफार्मेशन वहा पे आके मिलती हे। और वो वही जगह हे जहा से फनी विचारों का जन्म होता हे। इससे यह साबित हुआ के जो व्यवसायी कॉमेडियन हे इनको ज़्यादा अनुभव हे बाकि दो ग्रुप से उनको अपने आप कुदरती रूप से ही फनी थॉट्स आते हे। यानि वो बिना सोचे भी बोले तो भी वो फनी ही लगेगा। क्यूंकि वो ज़्यादा सोच ते नहीं हे और अगर उनका दीन ख़राब जाये तो भी उनको प्रैक्टिस करने की ज़रूरत नहीं हे। उन्होंने कॉमेडी को ही लाइफ बना लिया हे।

अगर आप भी ऐसी प्रैक्टिस करते रहे तो आप भी ऐसे ही सोच ने लगेंगे और फिर लोग आपसे बहोत प्रभावित हो जायेंगे। अपने आप पे भरोषा रखे और हमेशा हस्ते रहे। धन्यवाद !

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